About Founder
   कर्मयोगी पं० राम किशोर त्रिपाठी
   (5 अप्रैल 1924 - 16 फरवरी 2011)

कर्मयोगी पं० राम किशोर त्रिपाठी जी का जन्म 05 अप्रैल 1924 चैत्र रामनवमी के दिन ठठेरी बाजार सुलतानपुर में हुआ था। श्री देवदत्त त्रिपाठी जी आपके पिता और श्रीमती अभिराजी देवी आपकी माता थी। विसंगतियों और अभावो के कारण केवल मिडिल स्कूल तक की शिक्षा ग्रहण कर सके। पण्डित जी की पत्नी का नाम श्रीमती संवारी देवी और एक मात्र सन्तान पुत्री श्रीमती हीरारानी जी है। वास्तव में पण्डित जी का जीवनवृत्त शून्य से शिखर की यात्रा का जीवन्त दस्तावेज है। विभिन्न अभावों से जूझते हुए उन्होंने सत्पथ का मार्ग नही छोड़ा इसलिए उनकी जीवन यात्रा लोक मंगल के कर्मपथ से होती हुई मानवता के समग्र विकास की यात्रा कही जा सकती है। मनुष्य का परिस्कार करने वाली शिक्षा को उन्होंने सर्वजन सुलभ बनाने की दिशा में प्रशंसनीय उपक्रम किये। इसीलिए उन्हें 'महामना मालवीय' की उपाधि से विभूषित किया गया है। इस प्रकार अनेक आयामों को रचते हुए महाकवि तुलसीदास जी के श्रीराम से अभिप्रेरित सभी सिद्धांतो का अनुकरण करते हुए इस नश्वर शरीर को 16 फरवरी 2011 को छोड़कर ब्रहलीन हो गये |

  • => सन 1943 में आर्यकुमार सभा का गठन ।

  • => सन 1945 में कांग्रेस प्रतिनिधि के रूप में असेम्बली का चुनाव जीते ।

  • => 10 फरवरी सन 1948 में सम्पन्न उ० प्र० फारवर्ड ब्लाक के सुल्तानपुर अधिवेशन में स्वागताध्यक्ष ।

  • => सन 1949 में उ० प्र० कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि चुने गये ।

  • => सन 1951 में समाजसेवी पं० कृष्णदत्त पालीवाल और बाबू त्रिलोकी सिंह के साथ जन कांग्रेस में सम्मिलित हुए जो कालान्तर में किसन मजदूर पार्टी तथा 1953 ई० प्रजा सोशलिष्ट पार्टी के रूप में परिवर्तित हो गयी ।

  • => सन 1967 में प्र०सो०प्र० के विभाजन के बाद पुनः कांग्रेस में वापस आ गये ।

  • => सन 1957 में उ० प्र० सरकार द्वारा जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल के सदस्य नामित हुए ।

  • => सन 1962 में सुल्तानपुर आर्य समाज के मंत्री चुने गये तथा आर्य समाज मंदिर का निर्माण कराया ।

  • => सन 1964 में रामलीला ट्रस्ट समिति सुल्तानपुर के अध्यक्ष चुने गये, इसी कालावधि में आप द्वारा ‘संत तुलसीदास जूनियर हाई स्कूल‘ की स्थापना की गयी ।

  • => सन 1967 में गनपत सहाय डिग्री कालेज की स्थापना में असाधारण योगदान ।

  • => सन 1968 में उ० प्र० सरकार द्वारा जिला कोआपरेटिव बैंक के डायरेक्टर नामित किये गये ।

  • => सन 1972 में महात्मा गाँधी जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर गाँधी ज्ञान मंदिर सुल्तानपुर कि स्थापना की ।

  • => सन 1973 में मानस चतुश्शती के पुनीत पर्व पर संत तुलसीदास महाविद्यालय की स्थापना की ।

  • => सन 1974 में ‘तुलसीदास सत्संग भवन समिति ट्रस्ट‘ कि स्थापना की जिसके तत्वाधान में ‘तुलसीतरु पत्रिका‘ का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ । इस ट्रस्ट के द्वारा प्रतिवर्ष कुम्भ के चारों स्थानों प्रयाग, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में मास भर शिविर लगाया जाता है जिसमे पधारने वालों को भोजन एवं शयन कि नि:शुल्क व्यवस्था रहती है । सन 1978 में भूदान समिति सुल्तानपुर के संयोजक नामित हुए ।

  • => सन 1980 में दयानन्द जू०हा०स्कूल सुल्तानपुर, संत तुलसीदास जूनियर हाईस्कूल कादीपुर, दयानन्द बाल विद्या मंदिर धनपतगंज और डी०ए०वी० स्कूल मझवारा की स्थापना की । दयानंद जूनियर हा० स्कूल मुसाफिरखाना , जगन्नाथ जू० हा० स्कूल दुर्गापुर, बाबा भगवानदास उ० मा० वि० विकवाजितपुर की स्थापना में प्रमुख योगदान दिया ।

  • => सन 1994 में गाँधी जी की 125वी जयंती पर महात्मा गाँधी स्मारक महाविद्यालय कूरेभार की स्थापना की।

  • => सन 1999 में आचार्य विनोबा भावे महाविद्यालय छीड़ा, अमेठी की स्थापना ।

  • => सन 2000 के पश्चात् विभिन्न शिक्षण संस्थाओं चाणक्य महाविद्यालय सेमरी श्रीमती रामराजी महाविद्यालय वैदहा आदि में पण्डित जी का स्मरणीय योगदान रहा । आर्य समाज और रामलीला कमेटी के विभिन्न स्तरीय कार्यक्रमों के संयोजन और परिचालन में उनकी केन्द्रीय भूमिका रही है । शिक्षा के उन्नयन के लिए वे निरन्तर चिन्तनशील रहते थे ।

  • => स्थापना वर्ष से ही आप संस्थापक एवं उप प्रबन्धक रहे ।

  • => कालान्तर में जीवन पर्यन्त प्रबन्धक के रूप में उक्त संस्था की चतुर्मुखी प्रगति में योगदान किया ।

  • => सन 1998 में सुलतानपुर में अमृत महोत्सव में आपका नागरिक अभिनन्दन किया गया ।

  • => न्याय मूर्ति प्रेमशंकर गुप्त ने कर्मयोगी की उपाधि प्रदान की ।

  • => सन 1998 में उ०प्र० के तत्कालीन मुख्यमन्त्री श्री रामप्रकाश गुप्त ने सुलतानपुर में पण्डित जी को सम्मानित किया ।

  • => सन 1999 में अभिनन्दन ग्रन्थ का प्रकाशन/विमोचन/लोकार्पण, संत तुलसीदास पी० जी० कॉलेज कादीपुर में डॉ० योगेन्द्र नारायण प्रमुख सचिव उ० प्र० शासन द्वारा किया गया । तथा अमृत महोत्सव का समापन हुआ ।

  • => भास्कराचार्य एवं विहिप के अशोक सिंघल ने आपका विशेष रूप से सम्मान किया ।

  • => सन 2001 में उ०प्र० के राज्यपाल श्री विष्णुकान्त शास्त्री ने रामनरेश त्रिपाठी सभागार में समाज सेवा के लिए आपको सम्मानित किया ।

  • => सन 2001-02 में रोटरी क्लब के तत्वाधान में आयोजित भव्य समारोह में तत्कालीन डी०आई०जी० एवं जिलाधिकारी ने सम्मानित किया ।

  • => सुलतानपुर जनपद में जीवन पर्यन्त प्रत्येक महत्वपूर्ण सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधिओं में आपकी केन्द्रीय भूमिका रही ।

  • => सुलतानपुर में गोमती पुल के उद्घाटन के समय आपने लोकार्पण के लिए यज्ञानुष्ठान सम्पन्न किया । तद्नन्तर तत्कालीन प्रधानमंत्री 'भारत-रत्न' राजीव गाँधी ने उसका लोकार्पण किया ।

  • => सन 2008 में रामलीला के शताब्दी वर्ष का उद्घाटन किया ।

  • => सुलतानपुर नगर गौशाला की स्थापना की जिसमे बूढ़ी तथा लाचार गायों को विशेष रूप से रखा जाता है ।

  • => अमृत जयन्ती के पर्व पर पं० राम किशोर त्रिपाठी पुरस्कार का प्रारम्भ किया गया जिसमें प्रत्येक वर्ष रू० 11000.00 (ग्यारह हजार रुपये) किसी प्रतिष्ठित साहित्यकार को दिया जाता है । इसी वर्ष कर्मयोगी समाजोत्थान पुरस्कार भी प्रारम्भ किया गया ।

  • => सन 2011 में कर्मयोगी आर्य पुरस्कार शुभारम्भ एवं पं० राम किशोर त्रिपाठी पुस्तकालय एवं वाचनालय की स्थापना आर्य समाज मंदिर सुलतानपुर में की गयी ।

  • => इन सबके अतिरिक्त आर्य समाज और वेद के प्रति उनकी अटूट निष्ठा रही । आचार्य विनोवा भावे के अनुज द्वारा सुलतानपुर आगमन पर पण्डित जी को विशेषत: सम्मानित किया गया ।